आतंकी कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में राजस्थान के एक बेटी का बड़ा योगदान था. मूल रूप से राजस्थान के सुमेरपुर की रहने वाली ये बहादुर लड़की अपने परिवार के साथ मुंबई में रहती है. राजस्थान के एक कार्यक्रम में शामिल होने आई इस बेटी ने अनुभव से जुड़ी कई अहम बातें साझा कीं. बता दें कि मुंबई में हुए 26-11 के हमले में ये लड़की मौजूद थी, जहां कसाब और उसके साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. आतंकी हमले में कसाब की एक गोली 9 साल की इस बच्ची को भी लगी. हमले के बाद ये लड़की सबसे कम उम्र की गवाह बनी, जिसकी पहचान पर कसाब को फांसी हुई थी.