Vasant babu moves door to door to more than 250 houses to make bread available for others
2018-02-08
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एक रोटी की खातिर वसंत शर्मा रोज शहर के ढाई सौ घरों का चक्कर लगाते हैं। वे यह रोटी अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों का पेट पालने के लिए इक्ट्ठा करते हैं। इसके लिए वे रोज अपने गांव चातर से