दाना मांझी के मामले को बीते हुए अभी 10 दिन भी नहीं हुए थे कि ओडिशा में एक और शख्स को अपनी सात साल की बेटी का शव लिए कई किलोमीटर तक पैदल चलने को इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि जिस एंबुलेंस में वह सवार थे उसने कथित रूप से उन्हें बीच रास्ते में ही उतार दिया। बताया जा रहा है कि मलकानगिरी के घुसापल्ली की रहने वाली सात वर्षीय बरसा खेमुडू की मौत तब हो गई जब उसके माता-पिता उसे मिथाली अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए मलकानगिरी जिला अस्पताल ले जा रहे थे। लड़की के पिता के अनुसार 'जैसे ही ड्राइवर को पता चला कि हमारी बेटी की मौत रास्ते में ही हो गई है, उसने हमसे एंबुलेंस से उतर जाने को कहा। प्रशासन ने घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं। ड्राइवर के खिलाफ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मामले की जांच जारी है।